
कक्षा में शिक्षक ने बताया
हर आजाद देश का होता है झंडा
देश की भावनाओं का प्रतीक,
देश की मान्यताओं का प्रतीक,
हमारे देश का है प्यारा तिरंगा
तीन रंग-हरा, सफेद, केसरिया
और बीच में है एक चक्र
सब चुपचाप सुन रहे थे,
मन ही मन कुछ गुनगुना रहे थे,
चेहरे पर भाव थे कौतुहल के,
असमंजस में कुछ सोच रहे थे
तभी एक छात्र ने पूछा,
झंडे में ये ही तीन रंग क्यों
शिक्षक इस प्रशन पर हुए चिंतित,
इसिलए नहीं कि उन्हें मालूम न था इस प्रशन का उत्तर
बल्िक इसिलए कि क्या दें उत्तर
शिक्षक सोचने लगा-
हरा रंग हरियाली-खुशहाली का प्रतीक
ऐसी हरियाली जो प्रतिवर्ष,
सैकड़ों पेड़ों को काटकर वनों को उजाड़ कर आती है
सफेद रंग, शांति का जो, शमशान सी फैली हो हर तरफ,
नर-संहार, गोलीबारी और दंगों के बाद
और केसरिया रंग वीरता का प्रतीक, वीरता, जो विस्फोटों के धमाकों में
या जो मानव बम बनाकर, शहीद होने का एहसास कराती है
क्या हम सच्चाई को स्वीकार कर सकते हैं
हिरयाली, खुशहाली, वीरता और शांति को
सच्चे अर्थों में पिरभाषित कर पाए हैं
शिक्षक ने फिर सोचा-क्या उत्तर दें और असहाय सा बोला
प्यारे बच्चों,
बहुत किठन है दे पाना तुम्हारे प्रशन का उत्तर
सोचता हूं चुप ही रहूं
शायद समझ के साथ
स्वयं ही उत्तर पा जाओगे,
या फिर खोज लोगे,
नई पिरभाषाएं इन रंगों की
और जीवन के नए आयाम की।
उषा जैन